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'बादशाह' की बादशाहत को 'टाइगर्स' ने ललकारा..
आइ.सी.एल 2008 को शुरू हुये अभी एक ही सप्ताह हुआ है, लेकिन जिस तरह से इस प्रतियोगिता ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है, उससे साफ़ ज़ाहिर है कि इस बार किसी एक टीम का दबदबा नही है। अभी तो शुरूआत ही है और जिस तरह से प्रतिस्पर्धा दिख रही है, उससे दर्शकों और क्रिकेट प्रेमियों की दिलचस्पी भी बढ़ती जा रही है।
पिछली बार जिस तरह 'लहौर बादशाह' ने ज़बर्दस्त प्रदर्शन करते हुये शानदार शुरूआत की थी, इस बार उसी के विपरित बादशाह को 3 मैचों मे 2 बार पराजय का सामना करना पड़ा है, वहीं दूसरी तरफ़ 'रॉयल बंगाल टाइगर्स' ने लगातार 3 मैचों मे 3 जीत के साथ अपनी दहाड़ से सभी को हैरान कर दिया है।
इसी प्रकार 'चेन्नई सुपरस्टार्स' को भी 'चंडीगढ़ लॉयन्स' के सामने घुटने टेकने पड़े। 'हैदराबद हीरोज़' ने अभी तक अपने दोनों ही मैचों मे जीत दर्ज की है। प्रतियोगिता मे पहली बार खेल रहे 'ढाका वरियर्स' को जीत की तलाश तो अभी भी है लेकिन उनके बल्लेबाज़ आलोक कपाली ने आइ.सी.एल मे अभी तक का पहला शतक ज़रूर लगाया, जिससे इन वरियर्स का हौसला ज़रूर बुलंद हुआ होगा।
'दिल्ली जाइन्ट्स', 'चंडीगढ़ लॉयन्स' तथा 'अहमदाबाद रॉकेट्स' ने 1-1 जीतों के साथ अपना सफ़र शुरू कर दिया है। लेकिन 'मुम्बई चैम्प्स' को एक बार फिर से जीत का इंतज़ार है, अभी तक खेले गये 3 मैचों मे उन्हें हार का सामना करना पड़ा है। उम्मीद यही की जा सकती है कि आने वाले दिनों मे और भी प्रतिस्पर्धा और भी ज़बर्दस्त हो, ताकि आइ.सी.एल 2008 एक रोमांचक तथा शानदार प्रतियोगिता का गवाह बने।
वैसे दर्शकों और प्रायोजकों की संख्या मे इस बार भारी मात्रा मे इज़ाफ़ा हुआ है, जो एक शुभ संकेत है। हम आशा करते हैं कि आइ.सी.एल 2008 सफलता के नये आयाम स्थापित करे तथा पूरी दुनिया के क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीत ले।
- सैयद हुसैन